हमारी गतिविधियाँ | Our Activities

हरियाली का संदेश – वृक्षारोपण अभियान
हरियाली का संदेश – वृक्षारोपण अभियान

5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस पर Shristi Mitraa ने सरकारी विद्यालय, दुजोद और पशु चिकित्सालय सीखां में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। बच्चों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने मिलकर नीम, गुलमोहर, सहजन, करंज और अन्य छायादार पौधे लगाए। इसका उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि हर पौधे को परिवार की तरह पालना है। यह अभियान जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता लाता है और हरियाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उड़ानघर – घायल पक्षियों का पुनर्वास केंद्र
उड़ानघर – घायल पक्षियों का पुनर्वास केंद्र

Shristi Mitraa द्वारा निर्मित "उड़ानघर" एक अनोखी पहल है जहाँ घायल, बीमार या दुर्घटना में घायल पक्षियों को शरण, उपचार और पुनर्वास दिया जाता है। यह 13x6x6 फीट का विशाल पिंजरा आधुनिक सुविधाओं से लैस है जिसमें पक्षियों के लिए अलग-अलग सेगमेंट, ताजे पानी की व्यवस्था, मेडिकल कैबिन और निरंतर देखभाल की सुविधा है। हर पक्षी को पंख फिर से फैलाने का मौका देना ही हमारा उद्देश्य है।

लावारिस पशु सहायता अभियान
लावारिस पशु सहायता अभियान

Shristi Mitraa नियमित रूप से लावारिस, घायल व बीमार पशुओं के लिए निःशुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराता है। गाँवों और ढाणियों में घूमते घायल मवेशियों को प्राथमिक उपचार, दवाइयाँ, और चिकित्सकीय सलाह दी जाती है। स्थानीय पशु चिकित्सकों की सहायता से मोबाइल पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए जाते हैं। हमारा प्रयास है कि एक भी जानवर पीड़ा में न रहे और मानवीय संवेदना हर कोने तक पहुँचे।

पक्षियों के लिए सकोरे – जीवनदायी प्रयास
पक्षियों के लिए सकोरे – जीवनदायी प्रयास

गर्मियों में पक्षियों को जल उपलब्ध करवाने हेतु Shristi Mitraa ने विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के सकोरे स्थापित किए। ये सकोरे स्वयंसेवकों द्वारा नियमित रूप से साफ किए जाते हैं और उनमें ताज़ा पानी डाला जाता है। यह छोटा सा कार्य हजारों पक्षियों के लिए जीवनदायी सिद्ध होता है। यह पहल जल जीवन हर पक्षी के लिए है।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण रैली
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण रैली

Shristi Mitraa के स्वयंसेवकों ने शाकम्भरी देवी मार्ग पर एक स्वच्छता रैली का आयोजन किया जिसमें ग्रामीणों, बच्चों और युवाओं ने हिस्सा लिया। प्लास्टिक से परहेज़, कचरा प्रबंधन, और जैविक अपशिष्ट का उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह रैली ना केवल स्वच्छता बल्कि सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी।